बचपन की दोस्ती समय के साथ और गहरी होती है, या रोज़ मिलने वाले नए दोस्त ज़्यादा अहम हो जाते हैं?
स्कूल का वो दोस्त जिसके साथ टिफ़िन बाँटा, बोर्ड परीक्षा से पहले रात-रात भर पढ़ाई की, और जिससे अब शायद साल में दो-चार बार ही बात हो पाती है। और दूसरी ओर कॉलेज, ऑफ़िस या पड़ोस के वो लोग जिनसे रोज़ मिलना होता है, जो आज की हर छोटी-बड़ी बात जानते हैं।
स्कूल के WhatsApp ग्रुप में कोई पुरानी फ़ोटो आती है तो लगता है कि सब कुछ वैसा ही है। फिर नौकरी, शादी, शहर बदलना - ज़िंदगी आगे बढ़ती है, और रोज़ के साथी उस जगह को भरने लगते हैं।
तो समय बचपन की दोस्ती को और पक्का करता है, या धीरे-धीरे उसकी जगह वो लोग ले लेते हैं जो आज हमारे आसपास हैं?
आप क्या सोचते हैं? वोट करें, और अपनी राय में बताइए कि आपकी कौन-सी दोस्ती टिकी और क्यों।
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